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छुहारा और खजूर में क्या अंतर है, कैसे दोनों हैं एक-दूसरे से अलग, जानिए सही जानकारी इस ब्लॉग में मेरे साथ। 

खजूर और छुहारा को लेकर लोगों के मन में कई भ्रान्तियां रहती हैं। किसी को लगता है कि खजूर से ही छुहारा बनता है। कोई कहता है कि दोनों अलग-अलग पेड़ पर लगते हैं। अगर आप भी इन सवालों से जूझ रहे हैं तो यह ब्लॉग पढ़ने के बाद आपका सारा Confusion दूर हो जायेगा। 

छुहारा और खजूर में क्या अंतर है

छुहारा और खजूर में क्या अंतर है – 15 Crucial Differences & Similarities   

छुहारा और खजूर दोनों देखने में थोड़े एक जैसे ही लगते हैं। खजूर और छुहारे की गुठली भी एक जैसी ही होती है। फिर ऐसा क्या है जो दोनों को एक जैसे होते हुए भी अलग करता है? 

छुहारे और खजूर में क्या अंतर है व क्या समानताएं हैं, इसे हम विभिन्न अलग-अलग बिंदुओं के आधार पर समझेंगे ताकि आप फिर कभी खजूर और छुहारे में Confuse न हों। 

छुहारा और खजूर के बीच के अंतर व समानता को समझने के लिए 15 महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं – 

छुहारा
खजूर
प्रमुख स्रोत

खजूर का पेड़

 

खजूर का पेड़

बनाने की विधि

कच्चे खजूर से तैयार होता है

 

पेड़ पर पकता है

अन्य नाम

Dry Dates, Khalal Matbuuk 

 

Dates  

नर्म/कड़क

कड़क

 

नर्म

कैलोरी

300 (100 ग्राम) 

 

157 (100 ग्राम) 

रंग

लाल, लाल-पीला मिक्स

 

गहरा लाल, भूरा 

मेवा/फल

मेवा

 

फल 

मीठा (कार्बोहाइड्रेट) 

ज्यादा

 

कम

विटामिन व मिनरल्स 

हां

 

हां

फाइबर

ज्यादा

 

कम

जीवन अवधि

कई वर्ष

 

एक वर्ष से कम

तासीर

गर्म

 

गर्म

घर पर बनाये जा सकते हैं

हां

 

नहीं

चीनी मिली होती है

नहीं

 

कुछ वैरायटी में

खून बढ़ाने में सहायक

हां

 

हां

छुहारा और खजूर किस तरह हैं एक-दूसरे से अलग, आइये जानते हैं विस्तार से।

एक ही पेड़ पर लगते हैं छुहारा और खजूर 

खजूर और छुहारा में क्या अंतर है इस संबंध में अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या छुहारा और खजूर एक ही पेड़ पर लगते हैं?

छुहारा और खजूर के पेड़ के संबंध में आपका जो भी कंफ्यूजन है अब खत्म हो जायेगा। खजूर और छुहारा का पेड़ एक ही होता है। खजूर के पेड़ पर ही छुहारे लगते हैं। 

रेतीली मिट्टी में उगने वाले खजूर की खेती पूरे विश्व में लगभग 30 देशों के द्वारा की जाती है। ईराक, ईरान, साउदी अरब, Egypt खजूर की खेती व Export करने वाले प्रमुख देश हैं। भारत में खजूर की खेती मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, केरल, तमिलनाडू, व महाराष्ट्र के इलाकों में की जाती है। 

छुहारा और खजूर बनाने की प्रक्रिया में है बहुत अंतर

कैसे बनता है छुहारा और खजूर – क्या है Complete Process यह जानना खजूर व छुहारे के अंतर को जानने के लिए बेहद जरूरी है। 

छुहारा कहां से आता है, क्या खजूर को सुखाकर ही छुहारा बनता है, क्या खजूर और छुहारा एक ही है, ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब छुहारा और खजूर के अंतर को और बारीकी से आपके सामने रख देते हैं। 

खजूर और छुहारा बनाने का तरीका एक-दूसरे से काफी अलग है। खजूर से छुहारा बनाने के लिए पीले रंग के कच्चे खजूर को पेड़ से तोड़कर, पानी में उबालकर, धूप में सुखाया जाता है

पूरी तरह सूखने के बाद खजूर छुहारे का रूप ले लेती हैं। खजूर से छुहारा कैसे बनता है के संदर्भ में यह सबसे आसान परिभाषा है छुहारा बनाने की विधि की। 

वहीं अगर खजूर बनाने के तरीके की बात करें तो, खजूर को पेड़ पर लाल होने तक पकने दिया जाता है। जब खजूर लाल रंग की हो जाती हैं तब उन्हें एक-एक करके तोड़ा जाता है। इसके बाद इन खजूर को कारखाने में सफाई व पैकेजिंग के लिए ले जाया जाता है। 

छुहारा और खजूर के अंग्रेजी नाम अलग होते हुए भी हैं एक समान 

खजूर व छुहारे में अंतर के साथ-साथ कुछ समानताएं भी हैं। जिस तरह हिंदी में छुहारा व खजूर दोनों अलग-अलग हैं उसी तरह इनके अंग्रेजी नाम भी एक दूसरे से भिन्न हैं। हालांकि छुहारा व खजूर के अंग्रेजी नाम अलग होते हुए भी एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं।   

खजूर को अंग्रेजी भाषा में Dates कहा जाता है। चूंकि छुहारा खजूर को सुखाकर बनता है, अंग्रेजी में इसे Dry Dates कहते हैं।

 छुहारा विश्व में कुछ जगहों पर Khalal Matbuuk के नाम से भी जाना जाता है। 

खजूर व छुहारे में एक खाने में नरम व दूसरा है कड़क

छुहारे व खजूर में एक बड़ा अंतर उनके टैक्सचर को लेकर है। खजूर खाने में नर्म व मुलायम होती है। कोई भी आसानी से खजूर को चबा कर खा सकता है।

अगर छुहारे की बात करें तो वह टैक्सचर में कठोर होता है। धूप में सूखने की वजह से छुहारा इतना कड़क हो जाता है कि इसे खाने के लिए मजबूत दांतो की जरूरत पड़ती है। 

अगर बात करें कि क्या खजूर और छुहारा का स्वाद एक जैसा होता है तो हां खजूर व छुहारा दोनों ही स्वाद में मीठे होते हैं। खजूर खाने में हमेशा मीठी लगती हैं जबकि छुहारे का स्वाद कभी-कभी थोड़ा खट्टा भी महसूस होता है।  

छुहारे और खजूर में कैलोरी की मात्रा होती है अलग-अलग

छुहारे व खजूर के बीच अंतर को उनकी कैलोरी मात्रा से भी भलिभांति समझा जा सकता है। खजूर व छुहारे में कैलोरी का स्तर एक जैसा नहीं होता। 

यदि बात करें कि खजूर में ज्यादा कैलोरी होती है या छुहारा में तो निसंदेह ही छुहारा कैलोरी के विषय में विजेता माना जायेगा। छुहारे में खजूर के मुकाबले दुगनी कैलोरी होती है। 

100 ग्राम खजूर में लगभग 157 कैलोरी पायी जाती है। वहीं 100 ग्राम छुहारे में कैलोरी की मात्रा 300 होती है।  अतः वजन कम करने वाले लोगों को खजूर और वजन बढ़ाने वाले लोगों को छुहारे का सेवन करना चाहिए। 

छुहारा और खजूर रंग में होते हैं एक-दूसरे से थोड़े अलग  

जिन लोगों ने Dates and Dry Dates का सेवन किया है वे जानते हैं कि छुहारे व खजूर का रंग कैसा होता है व दोनों के रंग में क्या अंतर है। 

जहां एक और खजूर सुर्ख लाल, लाल व भूरे रंग की होती हैं। वहीं छुहारे का रंग लाल, थोड़ा संतरी व भूरा होता है। 

अलग-अलग किस्मों की खजूर देखने में अलग-अलग रंग की होती हैं। जबकि अगर बात करें कि छुहारा देखने में कैसा होता है तो अधिकतर सभी Dry dates देखने में एक जैसे ही लगते हैं।  

छुहारा और खजूर में एक है मेवा और दूसरा फल 

खजूर व छुहारे के बीच के अंतर को इस बात से भी समझा जा सकता है कि इनमें एक फल है और दूसरा मेवा। 

खजूर मेवा है या फल इस प्रश्न का सही जवाब है – फल। खजूर पूरी तरह से एक Stone Fruit है। खजूर एक फल है तो क्या छुहारा एक मेवा है? 

जी हां। खजूर से बनने के बाद भी छुहारे को फल नहीं बल्कि एक मेवे अर्थात Dry Fruit के रूप में जाना जाता है। 

छुहारे और खजूर में मीठे (कार्बोहाइड्रेट) की मात्रा होती है भिन्न  

कैलोरी की तरह ही छुहारे व खजूर में कार्बोहाइड्रेट अर्थात मीठे की मात्रा भी अलग-अलग होती है। 

छुहारे में खजूर के मुकाबले कार्बोहाइड्रेट का स्तर ज्यादा होता है। हालांकि जब आप छुहारे और खजूर का सेवन करेंगे तो पायेंगे कि खजूर छुहारे की बजाय स्वाद में ज्यादा मीठे लगते हैं।

जबकि वास्तव में छुहारे में ज्यादा मीठा पाया जाता है खजूर की बजाय। अगर बात करें कि खजूर व छुहारा में कौन ज्यादा ताकत देता है तो ज्यादा शुगर लेवल व ज्यादा कैलोरी के कारण छुहारे को ज्यादा ऊर्जा देने वाला माना जाता है। 

छुहारा और खजूर दोनों ही Vitamins और Minerals से होते हैं भरपूर  

छुहारा व खजूर दोनों में ही विटामिन व खनिज पदार्थ की मात्रा लगभग एक समान पायी जाती है। 

छुहारे को कैल्शियम, पौटेशियम, मैग्नेशियम व आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। जबकि खजूर में मैग्नेशियम (Magnesium), फॉसफोरस (Phosphorus), आयरन (Iron), Manganese, कैल्शियम (Calcium), सोड़ियम (Sodium), जिंक (Zinc) व पौटेशियम (Potassium) पाये जाते हैं।

खजूर और छुहारे में होती है फाइबर की अलग-अलग मात्रा  

खजूर और छुआरा में अंतर को इनमें फाइबर की मात्रा के अनुसार भी समझा जा सकता है। 

खजूर की बजाय छुहारे में ज्यादा फाइबर पाया जाता है। जहां 100 ग्राम खजूर में लगभग 3.5 ग्राम फाइबर होता है वहीं 100 ग्राम छुहारे में Fiber की मात्रा लगभग 5 ग्राम होती है।  

फाइबर की ज्यादा मात्रा लेने के लिए खजूर की बजाय छुहारे का सेवन करना चाहिए। 

छुहारा और खजूर की जीवनअवधि हैं अलग-अलग 

बात जब होती है कि खजूर और छुहारा में क्या फर्क है तो इनकी जीवन अवधि भी एक बड़े अंतर के रूप में नजर आती है।

Dried (सूखा हुआ) होने के कारण छुहारा खजूर के मुकाबले ज्यादा लंबे समय तक खराब नहीं होता है। छुहारे को सही तरह से स्टोर कर के कई वर्षों तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

वहीं अगर खजूर के जीवनकाल की बात करें तो, खजूर ज्यादा से ज्यादा एक वर्ष तक इस्तेमाल की जा सकती है। 

छुहारे व खजूर दोनों ही होते हैं तासीर में गर्म 

छुहारा गर्म होता है या ठंड़ा या फिर खजूर की तासीर कैसी होती है, इन दोनों ही प्रश्नों का जवाब एक है। 

छुहारा और खजूर दोनों ही तासीर में गर्म होते हैं। यही कारण है कि मुख्यतः सर्दियों में इनका सेवन करने की सलाह दी जाती है। सर्दियों में बाजार में आपको फ्रैश खजूर देखने को मिलती है। 

हालांकि आप गर्मियों में भी खजूर व छुहारा का सेवन कर सकते हैं लेकिन Summers में कम मात्रा में इनका सेवन करना चाहिए।  

छुहारा घर पर बना सकते हैं लेकिन खजूर नहीं 

क्या घर में छुहारा बन सकते हैं – जी हां। छुहारा और खजूर के मध्य एक और बड़ा अंतर यह है कि छुहारे को घर पर भी बनाया जा सकता है। जबकि खजूर को घर पर नहीं बना सकते। वो हमेशा Readymade ही बिकती हैं। 

बाजार से कच्ची खजूर खरीदकर उन्हें पानी में उबाल लें। इसके बाद 5-6 दिनों तक धूप में सुखा लें। खजूर से छुहारा बनकर तैयार है। 

खजूर में हो सकती है चीनी/गुड़ की मिलावट लेकिन छुहारे में नहीं

छुहारा खजूर से कैसे अलग है इसे आप चीनी की मिलावट के आधार पर भी जान सकते हैं। 

बाजार में खजूर की कई सारी किस्में उपलब्ध होती हैं। इन किस्मों में कुछ प्राकृतिक तौर पर पकी होती हैं व कुछ को चीनी/गुड़ की परत के साथ तैयार किया जाता है। 

वहीं अगर छुहारे की बात करें तो बाजार में उपलब्ध छुहारे की सभी किस्में प्राकृतिक तौर पर मीठी होती हैं। उनमें किसी तरह की कोई चीनी की मिलावट नहीं की जाती। 

छुहारा व खजूर दोनों ही हैं सहायक हीमोग्लोबिन बढ़ाने में 

कम हीमोग्लोबिन की समस्या से जूझ रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि खून बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए – खजूर या छुहारा?

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए खजूर का सेवन सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा माना जाता है। वहीं अगर बात करें कि छुहारा खाने से खून बढ़ता है या नहीं तो जी हां, छुहारा खाने से भी खून बढ़ता है। 

खजूर व छुहारे में विटामिन व खनिज पदार्थों की मात्रा लगभग एक समान ही होती है। दोनों ही आयरन के बहुत अच्छे स्रोत हैं। अतः हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए खजूर के साथ-साथ छुहारे का भी सेवन किया जाता है। 

इस ब्लॉग में मैंने आपको खजूर व छुहारे में क्या अंतर है इसे गहन रिसर्च के माध्यम से विस्तार से समझाया है। उम्मीद है यह ब्लॉग पढ़ने के बाद अब आपको कभी खजूर व छुहारे को लेकर कोई Confusion नहीं होगा। 

छुहारा और खजूर में क्या अंतर है के संदर्भ में अगर आपके कोई सवाल, सुझाव या विचार हों तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। हमें आपके विचारों का इंतजार रहेगा।